रोल का प्रवाह उँगलियों के बीच के बदलावों पर निर्भर करता है
कारेतिया (Carretilla) उँगलियों से किए गए तेज़, अलग-अलग प्रहारों का सिलसिला है, चारों उँगलियों से एक साथ दबाना नहीं। आम तौर पर इसे दायाँ हाथ बजाता है। इस अभ्यास में दूसरा हाथ स्थिर रहता है, ताकि तुम हर ध्वनि और हर विराम को साफ़-साफ़ सुन सको। धीरे-धीरे गिने गए चार के समूह सीखने में मदद करते हैं, लेकिन वे अभी किसी खास पालो (Palo) का लयबद्ध पैटर्न नहीं हैं।
यहाँ समान गति का मतलब है कि लगातार दो प्रहारों के बीच लगभग बराबर समय हो। अक्सर तर्जनी आगे निकल जाती है, जबकि अनामिका से मध्यमा तक का बदलाव ज़्यादा समय लेता है। तब सिलसिला एक साथ बहते हुए रोल के बजाय दो जोड़ियों जैसा सुनाई देता है। ज़्यादा ज़ोर लगाने से यह अंतर दूर नहीं होता। यह उँगलियों के समय के तालमेल की वजह से होता है, आवाज़ कम होने की वजह से नहीं।
पहले इस्तेमाल की गई उँगली अगले प्रहार के साथ ही ढीली हो सकती है। यानी हर ध्वनि के बाद तुम पूरी हथेली के फिर से तैयार होने का इंतज़ार नहीं करते। साथ ही, उँगलियों की चाल इतनी छोटी रहती है कि किसी भी उँगली को दूर से घुमाकर लाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। सुनने का ऐसा ही सिद्धांत टैप डांस में चार साफ़ ध्वनियों वाला क्रैम्प रोल भी दिखाता है: तेज़ सिलसिले में उसके अलग-अलग हिस्से खोने नहीं चाहिए। लंबे अभ्यास सत्रों के लिए यह सिद्धांत भी तुम्हारे काम आएगा कि नाचते समय शरीर पर पड़ने वाला दबाव धीरे-धीरे बढ़ाओ, बजाय इसके कि थकी हुई उँगलियों से बजाते रहो।


