पोल और हील्स अलग-अलग पहलुओं पर ज़ोर देते हैं
पोल डांस (Pole Dance) में पोल उपकरण और तुम्हारी गतिविधियों का आधार बन जाता है। तुम्हारे प्रशिक्षण के फ़ोकस के अनुसार, तुम पकड़ की ताकत, कंधों की सहनशक्ति, कोर की मज़बूती और लचीलेपन पर काम करते हो। एक क्लास में कुछ ही तत्वों पर गहराई से काम हो सकता है: तुम किसी अभ्यास को आज़माते हो, आराम करते हो और फिर से शुरू करते हो। पोल फ़िटनेस (Pole Fitness) में इस शारीरिक मेहनत पर खास ज़ोर दिया जाता है; नृत्य-केंद्रित पोल डांस की क्लासों में मूवमेंट के बीच के बदलावों और संगीत को ज़्यादा जगह मिलती है।
इसके विपरीत, हील्स डांस (Heels Dance) में आमतौर पर ज़मीन पर कोरियोग्राफ़ी के रूप में मूवमेंट किया जाता है। एड़ीदार जूते पहनने से संतुलन और पैरों की सहनशक्ति की ज़रूरतें बदल जाती हैं। इसके अलावा तालमेल, संगीत के खास हिस्सों पर ज़ोर देना और कई मूवमेंट को एक साथ जोड़कर एक पूरी लयबद्ध प्रस्तुति बनाने की क्षमता भी ज़रूरी है। कलाबाज़ी वाले तत्वों के बिना भी यह थका देने वाला हो सकता है।
दोनों के बीच की सीमा तय नहीं है: एक्सॉटिक पोल (Exotic Pole) में पोल-केंद्रित डांस को अक्सर हील्स और ज़मीन के करीब किए जाने वाले मूवमेंट के साथ जोड़ा जाता है। इस शब्द से हर जगह एक जैसी क्लास की संरचना का मतलब नहीं होता। अगर तुम्हारी दिलचस्पी पोल और कोरियोग्राफ़ी के ज़रिए अपनी अभिव्यक्ति, दोनों में है, तो यह मेल तुम्हारे लिए उपयोगी हो सकता है। पोल से जुड़े सामान की जानकारी बाद में उपकरण चुनने में मदद करती है, लेकिन तुम्हारे प्रशिक्षण के फ़ोकस का फ़ैसला उसकी जगह नहीं लेती।




