एक स्लो दो ताल तक एक ही पैर पर रहता है
डबल रिदम शैग (Double Rhythm Shag) में स्लो का मतलब यह नहीं है कि तुम कोई कदम बहुत धीमी गति से उठाते हो। वजन का बदलाव पहली ताल पर शुरू होता है, फिर दूसरी ताल पर उसी पैर पर हल्की-सी उछाल आती है। याद रखने के लिए तुम कदम, हॉप, कदम, हॉप, कदम, कदम बोल सकते हो। हॉप में हल्की-सी उछाल होती है, ऊंची छलांग नहीं। इस दौरान खाली पैर ज़मीन से थोड़ा उठ सकता है, लेकिन उस पर अभी वजन नहीं आता।
इस तरह छह तालों में वजन चार बार बदलता है। एक आम गलतफ़हमी यह है कि हर सुनाई देने वाली ताल पर पैर बदलना है। तब दोनों स्लो गायब हो जाते हैं और तुम छह बराबर गति वाले कदम नाचते हो। दो और चार पर बिल्कुल स्थिर हो जाना भी ठीक नहीं है। ताल वहां भी चलती रहती है, बस सहारा देने वाला पैर वही रहता है।
घुटनों को लचीला रखो और धड़ सीधा। उछाल टखनों और घुटनों के तालमेल से आती है, कंधों को ज़ोर से ऊपर खींचने से नहीं। ऐसी गति चुनो जिस पर पैर ज़मीन पर हल्के से पड़ें। बाद में अगर तुम अधिक समय तक या तेज़ गति से अभ्यास करना चाहते हो, तो नृत्य का अभ्यास धीरे-धीरे बढ़ाने वाली मार्गदर्शिका तुम्हारी मदद करेगी। अगर तुम इसी सीखने के लक्ष्य के साथ कक्षाएं लेना चाहते हो, तो उपयुक्त स्विंग (Swing) नृत्य कक्षा पर दी गई मार्गदर्शिका बताएगी कि बुनियादी कदमों की कक्षाएं और फिगर सिखाने वाली कक्षाएं किस तरह अलग हैं।

