लिंडी हॉप का अनुभव करें
लिंडी हॉप 1930 के दशक में हार्लेम दृश्य में उत्पन्न हुआ और यह अफ्रीकी तथा यूरोपीय नृत्य प्रभावों को जोड़ता है। इसे एक ढीली नृत्य मुद्रा में किया जाता है, यह खुली और बंद स्थितियों के बीच बदलता रहता है और कामचलाऊ व्यवस्था (इम्प्रोवाइज़ेशन) पर निर्भर करता है। विशेष रूप से आकर्षक: इसमें हर कोई भाग ले सकता है, चाहे उनके पास कम या ज्यादा नृत्य अनुभव हो, चाहे वे युवा हों या वृद्ध।