बॉल संस्कृति संगीत और सामाजिक भूमिकाओं को जोड़ती है
वियना की बॉल संस्कृति का इतिहास 1814/15 की वियना कांग्रेस तक जाता है: मेज़बानों ने आए हुए प्रतिनिधियों का बॉल के ज़रिए स्वागत-सत्कार किया। इस तरह उत्सव और सामाजिक मेलजोल एक-दूसरे से जुड़े थे। जोज़ेफ़ लानर और स्ट्राउस परिवार ने नृत्ययोग्य वाल्ट्ज़ संगीत दिया और अपने ऑर्केस्ट्रा का संचालन खुद किया। यहाँ नृत्य, सामाजिक जीवन से अलग कोई मंचीय आयोजन नहीं था।
पेशेवर समूहों के बॉल इसका एक और अर्थ सामने लाते हैं। पारंपरिक बॉल संस्कृति में कॉफ़ीहाउस संचालकों का बॉल और कन्फेक्शनरों का बॉल, हॉफबुर्ग से जुड़े हैं। इनके नाम ही दिखाते हैं कि कौन-से पेशेवर समूह मेज़बान के रूप में सामने आते हैं। इसलिए ऐसा उत्सव केवल संगीत नहीं देता: यह किसी पेशेवर समुदाय को सार्वजनिक रूप से पहचाना जा सकने वाला मंच देता है।
वियना के बॉल सीज़न की दर्ज छवि में 300 से अधिक बॉल की रातें और उद्घाटन के बिगुल, नवप्रवेशी युवतियों और युवकों का आगमन, “अब सब वाल्ट्ज करें!” का उद्घोष और आधी रात का क्वाड्रिल जैसे रीति-रिवाज़ शामिल हैं। यह विवरण मौजूदा सीज़न के लिए पुष्ट आयोजन-संख्या नहीं है। सांस्कृतिक रूप से अहम है इसका साझा रूप: बार-बार दोहराए जाने वाले क्रम अलग-अलग उत्सवों को एक पहचानी जाने वाली परंपरा में बदल देते हैं।
वियना वाल्ट्ज (Wiener Walzer) को नवंबर 2017 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की ऑस्ट्रियाई सूची में शामिल किया गया। इसका आशय बजाने, नृत्य करने और गाने की परंपरा से है, न कि केवल किसी जानी-पहचानी धुन या उत्सवी पोशाक से।



