यह प्रविष्टि किसी स्थान की नहीं, एक सांस्कृतिक प्रथा की सराहना करती है
नवंबर 2017 में, बजाए, नाचे और गाए जाने वाले वियना वाल्ट्ज (Wiener Walzer) को ऑस्ट्रिया की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया। वियना के लिए इसमें अहम बात यह है कि यह मान्यता किसी मशहूर धुन या भव्य सभागार तक सीमित नहीं है। इसका आशय कौशल और सांस्कृतिक प्रथा के मेल से है।
ऑस्ट्रिया की यह सूची अमूर्त सांस्कृतिक विरासत से संबंधित यूनेस्को कन्वेंशन के तहत एक राष्ट्रीय सूची है। ऑस्ट्रियाई यूनेस्को आयोग इस सूची का संचालन करता है। इससे न तो कोई यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बनता है, न ही अपने आप किसी अंतरराष्ट्रीय यूनेस्को सूची में नाम दर्ज होता है। विश्व धरोहर का संबंध स्थलों से है, जबकि अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का संबंध उन प्रथाओं और उन्हें निभाने वाले लोगों के ज्ञान से है।
इस प्रविष्टि में दिए गए तीन शब्द महज़ अतिरिक्त जानकारी नहीं हैं। ‘बजाया’ संगीत प्रस्तुति की ओर, ‘नाचा’ जोड़े के रूप में शरीर में समाए ज्ञान की ओर और ‘गाया’ आवाज़ के इस्तेमाल की ओर संकेत करता है। हर प्रस्तुति में इन तीनों रूपों का होना ज़रूरी नहीं है। बल्कि, यह प्रविष्टि बताती है कि वियना वाल्ट्ज का वर्णन केवल नृत्य के कदमों से नहीं किया जा सकता। यह मान्यता किसी खास कोर्स के लिए गुणवत्ता प्रमाणपत्र नहीं है और न ही यह अलग-अलग नर्तकियों का मूल्यांकन करती है।







