आवर्तन की गिनती और कदमों की गिनती अलग-अलग काम करती हैं
यहाँ एक परिचित घुमाव में भार के छह स्थानांतरण होते हैं: पहले तीन पहले आवर्तन के हैं, और अगले तीन दूसरे आवर्तन के। इसलिए संगीत में “एक, दो, तीन” दो बार गिना जाता है। इसके बजाय अगर तुम कदमों को एक से छह तक गिनो, तो उनका क्रम वही रहता है: कदम एक और कदम चार आवर्तन की पहली मात्रा पर पड़ते हैं। कदमों की गिनती बताती है कि तुम आकृति में कहाँ हो, और आवर्तन की गिनती बताती है कि तुम संगीत में कहाँ हो।
अभ्यास का तरीका “एक, दो, तीन, दो, दो, तीन” दोनों आवर्तनों को अलग पहचानने में भी मदद करता है। दूसरे समूह का पहला “दो” यहाँ “दूसरा आवर्तन” बताता है, “दूसरी मात्रा” नहीं। संगीत में यह फिर से पहली मात्रा पर पड़ता है। यह बोलने का तरीका याद रखने में मदद करता है, यह कोई अलग ताल नहीं है। संगत में अक्सर आवर्तन की शुरुआत में एक गहरी ध्वनि और उसके बाद कॉर्ड के दो संकेत सुनाई देते हैं। सिर्फ़ आवाज़ की तेज़ी पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि धुन भी अलग-अलग मात्राओं पर ज़ोर दे सकती है।
इस अभ्यास के लिए उसी घुमाव को करते रहो। घुमाव की अलग-अलग दिशाओं को जोड़ना एक अलग अभ्यास है। अगर गिनती सही है, लेकिन तुम्हारा वियनीज़ वाल्ट्ज़ (Wiener Walzer) का घुमाव शरीर से अटक रहा है, तो तुम्हें गिनने का नया तरीका नहीं, बल्कि तकनीक में सुधार चाहिए।



