दिशा का संबंध आगे बढ़ाने वाले व्यक्ति से है
दाएँ से बाएँ और बाएँ से दाएँ जैसे नाम, आगे बढ़ाने वाले व्यक्ति के नज़रिए से पीछे चलने वाले व्यक्ति की ओर का वर्णन करते हैं। इसके लिए तुम्हें दूसरे व्यक्ति के पैरों के निशानों पर बिल्कुल ठीक पैर रखने की ज़रूरत नहीं है। शुरुआती लोगों के लिए आम तौर पर सिखाए जाने वाले रूप में, दाएँ से बाएँ की शुरुआत बंद मुद्रा से होती है: पीछे चलने वाला व्यक्ति आगे बढ़ाने वाले व्यक्ति के दाईं ओर खड़ा होता है। रास्ता पार करने के बाद तुम बंद मुद्रा छोड़कर हाथों का जुड़ाव बनाए रखते हुए एक-दूसरे की ओर देखते हो। वापस लौटते समय भी यह खुला जुड़ाव बना रहता है।
हाथ रास्ता पार करने का संकेत देता है, वह शरीर को खींचकर पार नहीं ले जाता। आगे बढ़ाने वाला व्यक्ति अपने कदम से जगह बनाता है और जुड़े हुए हाथ को ढीला रखता है। पीछे चलने वाला व्यक्ति अपना वज़न खुद संभालता है और पैरों तथा शरीर को नई दिशा में मोड़ता है। इस तरह किसी को भी सिर झुकाने या कंधा ऊपर उठाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इस फिगर का अंग्रेज़ी नाम Change of Places है।
इस निर्देश में जाइव (Jive) करने की शुरुआत में सीखे हुए कदमों की जानकारी पहले से होने की अपेक्षा की गई है। अगर पैर, दिशा और हाथ एक साथ उलझने लगें, तो बहुत तेज़ सीखने के क्रम को हिस्सों में बाँटना मददगार होता है: पहले रास्ते पर चलो, फिर सीखी हुई लय जोड़ो। दोनों दिशाओं का पहले अलग-अलग अभ्यास करो और अंत में एक विराम लो।





